जीवनशैली में खान-पान और आदतों का सीधा प्रभाव सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी हमारे ग्रहों पर पड़ता है। अक्सर सवाल उठता है कि क्या शराब और नॉनवेज का सेवन करने से व्यक्ति का भाग्य या ग्रह दोष प्रभावित होते हैं? आइए इसे गहराई से समझते हैं।
यदि देखा जाए तो शराब और मांसाहार का सेवन स्वाभाविक रूप से शरीर और मन दोनों को प्रभावित करता है। नॉनवेज में किसी जीव को मारकर उसका भक्षण करना नैतिक दृष्टि से भी गलत माना गया है। वहीं शराब का अत्यधिक सेवन व्यक्ति की बुद्धि, स्वास्थ्य और व्यवहार को प्रभावित करता है।
प्राचीन समय में देवताओं के पेय को सोमरस कहा जाता था। लेकिन यह कभी भी अति सेवन या व्यसन की तरह नहीं था। आधुनिक युग में यदि शराब को सीमित मात्रा में लिया जाए, तो उसे सामान्य माना जा सकता है। लेकिन जब इसका अतिरेक होता है, तब यही आदत बुरी साबित होती है।
ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि—
शराब और नॉनवेज का अधिक सेवन व्यक्ति के जीवन में शनि ग्रह को नकारात्मक बना देता है।
विशेष रूप से शनि की साढ़ेसाती, ढैया या महादशा में शराब और मांसाहार का सेवन जीवन में बाधाओं और दुर्भाग्य को बढ़ा सकता है।
ऐसी स्थिति में शनि दोष अधिक प्रबल हो जाता है और व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक व आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हर चीज की अति बुरी होती है। यदि कोई व्यक्ति संयमित और संतुलित जीवन जीता है, तो ग्रहों का दुष्प्रभाव भी काफी हद तक कम हो सकता है।
शराब और नॉनवेज से दूरी बनाना या कम से कम शनि काल में इनसे परहेज करना सबसे उत्तम उपाय है।
शनि को संतुलित करने के लिए दान, सेवा और अनुशासन का पालन अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
शराब और नॉनवेज सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शनि के प्रभाव को भी बिगाड़ सकते हैं। इसलिए यदि आप शनि की दशा या साढ़ेसाती से गुजर रहे हैं, तो इनसे परहेज करना ही आपके लिए शुभ रहेगा।